आजकल की भागदौड़ वाली जिंदगी में थकान और कमजोरी महसूस होना बहुत आम बात हो गई है. काम का तनाव, नींद पूरी न होना और उल्टा-सीधा खानपान हमारे शरीर को अंदर से खोखला बना देता है. बहुत से लोग ऐसे हैं
जो दिनभर सुस्त रहते हैं, सीढ़ियां चढ़ते ही सांस फूलने लगती है या फिर शादीशुदा जिंदगी में मर्दाना कमजोरी के कारण तनाव में रहते हैं. लोग झिझक के मारे किसी को बता भी नहीं पाते और बाजार से केमिकल वाली गोलियां खा लेते हैं, जिससे फायदे की जगह नुक्सान हो जाता है. अगर आप भी ऐसी ही किसी परेशानी का सामना कर रहे हैं, तो यूनानी चिकित्सा आपके लिए बहुत मददगार साबित हो सकती है.
लगातार थकान, कमजोरी और ऊर्जा की कमी आजकल एक आम समस्या बन गई है. कई लोग शरीर को मजबूत बनाने के लिए आयुर्वेद, यूनानी और अन्य पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों की ओर रुख करते हैं. यूनानी चिकित्सा में खमीरा, माजून और लूबूब जैसी कई पारंपरिक तैयारियां इस्तेमाल की जाती हैं.
यूनानी पद्धति कोई आज की नहीं है, यह सैंकड़ों साल पुरानी कुदरती चिकित्सा प्रणाली है. इसमें शरीर के मिजाज को समझकर जड़ी-बूटियों, फलों और भस्मों के मेल से इलाज किया जाता है. आइए आज आसान भाषा में समझते हैं कि यूनानी की कौन-सी दवाइयां आपकी खोई हुई ताकत और स्टेमिना वापस दिला सकती हैं.
खमीरा एक तरह का मीठा चाशनी जैसा पेस्ट होता है, जिसमें चांदी का वर्क और कीमती जड़ी-बूटियां मिलाई जाती हैं. जब तक हमारा दिल और दिमाग मजबूत नहीं होगा, तब तक शरीर में चुस्ती नहीं आ सकती.
खमीरा गांवजबां: अगर आपको दिमागी थकान बहुत ज्यादा रहती है, नजर कमजोर लग रही है या दिल की धड़कन बढ़ जाती है, तो यह बहुत काम की चीज है. यह पूरे नर्वस सिस्टम को मजबूत करता है.
माजून यूनानी का सबसे मशहूर नुस्खा माना जाता है. यह हलवे की तरह दिखता है और इसे कई तरह की तासीर वाली जड़ी-बूटियों को पीसकर शहद में मिलाकर बनाया जाता है.
खमीरा गांवजबां में प्रयुक्त Gaozaban (Borago officinalis) के बारे में में एंटीऑक्सीडेंट और तंत्रिका तंत्र को सहारा देने वाले गुणों का उल्लेख मिलता है.
अगर समस्या ज्यादा पुरानी है या अंदरूनी नसों की कमजोरी बहुत बढ़ गई है, तो यूनानी में लूबूब लेने की सलाह दी जाती है. इसमें मेवे, बीज और ताकतवर जड़ी-बूटियां डाली जाती हैं.